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मिथिला मिहिर आ बुझौअलि

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पटना सँ प्रकाशित "मिथिला मिहिर" मैथिली क सर्वप्रथम आ सबसे बेसी समय तक चलय वाला साप्ताहिक पत्रिका रहय।  मिथिला मिहिर में एकटा स्तम्भ आबय रहय - "नेना-भुटका क चौपड़ि"। ओहि स्तम्भ में प्रायः नियमित पाठक द्वारा भेजल आ सम्पादकीय लोकनि सभ क "बुझौअलि" प्रकाशित होयत रहय।  हमर माय, स्वर्गीय इला रानी सिंह (१९४५-१९९५) , मिथिला क प्रथम महिला कवयित्री, अनुवादक, निबंध-लेखक क 1973 मे कलकत्ता विश्वविद्यालय से डी. लिट. पैबाक खबर मिथिला मिहिर (वर्ष - तेरह; नवक्रमांक - 652; पौष शुक्ल पक्ष - 10, शाके 1894 [रवि, 14 जनवरी 1973]) में छपल रहय। ओहि अंक में मधुबनी जिला क हटवरिया, सिरियापुर क श्री शालिग्राम झा 'शेष' क किछ "बुझौअलि" प्रकाशित भेल छल।  मिथिला मिहिर ओहि अंक क "बुझौअलि" एतय प्रस्तुत छय।  "बुझौअलि" आ उत्तर सभ अपन मूल रूप मे अहाँ सामने अछि।  - प्रणव कुमार सिंह, नॉएडा